Gym in Hindi | जिम और वजन घटाना: वस्तुस्थिति और भ्रम

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Gym : आधुनिक भाग दौड़ वाली जिंदगी में व्यक्ति का स्वास्थ्य अक्सर पीछे रह जाता है। हम अपने घर में सारी मशीनी सुख सुविधा तो जुटा लेते हैं, लेकिन उनके उपभोग में इतना तल्लीन हो जाते हैं की हमारा असली धन, असली पूंजी, हमारा शरीर और उसका स्वास्थ्य, इनकी तरफ से मुंह मोड़ लेते हैं।

जब आप युवा हैं, हर तरह की मेहनत और मशक्कत को सह सकते हैं, भूख बर्दाश्त कर सकते हैं, किसी भी प्रकार का भोजन पचा सकते हैं, तब तो कोई परेशानी नहीं दिखती। लेकिन एक उम्र के बाद शरीर के साथ ज्यादति करना सही नहीं होता। युवावस्था में की गई अनदेखी अधेड़ उम्र में ही भरी पड़ने लगती है। वृद्धावस्था आते आते बहुत ही अधिक समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।

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जिम कल्चर ( Gym )

आजकल के युवा जिम में जाकर पसीना बहाने को बहुत महत्व देते हैं। हर उम्र के लोग अपने आप को फिट रखने के लिए जिम का रुख़ करते हैं। कुछ लोग योगाभ्यास को प्राथमिकता देते हैं। आजकल अनेक प्रकार के डाइट सुझाव भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। वजन घटाना, शरीर सुडौल बनाना हर किसी की ख्वाहिश हो गई है। ऐसे में सही गलत का चुनाव करना जितना मुश्किल है उतना ही आवश्यक भी।

जानें अपने शरीर को ( Gym )

हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट, क्षमता, कमज़ोरी भिन्न होती है। ऐसे में कौन सा व्यायाम, कौन सा योगाभ्यास आपके लिए सर्वोत्तम होगा तथा आपका शरीर कितना श्रम झेल सकेगा, इसकी सटीक जानकारी होना बहुत ज़रूरी है। मोटापा तथा वजन बढ़ने और घटने की प्रविति भी अलग लोगों में अलग होती है। आपको किन चीजों से एलर्जी है, कौन सा खाद्य पदार्थ आपके लिए हानिकारक है आदि बातें ध्यान में रखना अति आवश्यक है।

बहुत से लोग कुछ खास प्रोटीन के स्रोतों को नहीं पचा पाते। कुछ लोग दूध के प्रति संवेदनशील होते हैं, तो कुछ लोगों को अंडे से तकलीफ होती है। ऐसा ही समुद्री खाद्य पदार्थों के मामले में भी होता है। मशरूम जो की कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है, वह भी कुछ लोगों के लिए बहुत नुकसानदेह होता है। कुछ लोगों को दाल में मौजूद प्रोटीन से भी दिक्कत आ सकती है।

इसके अलावा यदि आपको पहले से कोई बीमारी जैसे की ब्लड प्रेशर, शुगर, गठिया, साइनस आदि हों, तो सही डाइट तथा विशेष प्रकार के व्यायाम करने चाहिए।

जिम और योग ( Gym)

जिम में वर्कआउट करने के लिए ढेर सारी मशीनों की व्यवस्था रहती है। दौड़ना, वजन उठाना, वजन खींचना आदि जो व्यायाम शरीर को एक खास आकर देने तथा मांसपेशियों को एक विशेष स्तर प्रदान करने के लिए होते हैं। वहीं योगाभ्यास मानसिक शक्ति और एकाग्रता को सक्रिय कर शरीर के सभी अंगों एवम तंत्रों को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होता है। वजन तो दोनो से ही नियंत्रित होता है। ( Gym )

किंतु पहला जहां शरीर के साथ जोर आजमाइश के स्तर तक पहुंच जाता है, वहीं दूसरा सामंजस्य बिठाना सिखाता है। जिम में व्यायाम करने वाले लोगों को काफी ऊंचे स्तर के प्रोटीन आहार तथा कृत्रिम प्रोटीन उत्पादों को इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ( Gym )

जबकि योग एक सादा सात्विक भोजन, सहज जीवनशैली को प्रोत्साहित करता है। आए दिन हमें  कृत्रिम आहारों के दुष्प्रभावों के बारे में देखने सुनने को मिलता है। कई बार हड्डियों और मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचता है। जबकि योग धैर्य का पर्याय है। सही तरीके से किया गया योग आपको एक अलग ही ऊर्जा प्रदान करता है।

एक महत्वपूर्ण अंतर यह देखा गया है की जिम में जा के शरीर को सुडौल बनाने की इच्छा रखने वालों के शरीर का लचीलापन खत्म हो जाता है। वहीं योग आप जैसे जैसे करते जायेंगे, वैसे वैसे आपके शरीर में लचीलापन बढ़ता जाता है।

किसके लिए क्या है सही ( Gym )

जिन लोगों को अंडों से परहेज है उनके लिए जिम का भरी भरकम व्यायाम सही नही होगा। जिम की कसरत से मांसपेशियों में काफी टूट फूट होती है जिसे ठीक करने के लिए अधिक प्रोटीन चाहिए। गठिया तथा यूरिक एसिड की बीमारी से ग्रस्त लोग दाल और दूध आदि का सेवन नहीं कर पाते। डेयरी उत्पाद भी नहीं।

तो ऐसे लोगों को जिम का रुख करने के बजाए योग की सलाह दी जाती है। योग कई बीमारियों को जड़ से ठीक करने में भी उपयोगी साबित होता है। जिम में बिना एक कुशल प्रशिक्षक के आप कई परेशानियां में पड़ सकते हैं। वहीं योगाभ्यास कुछ किताबों और आसान से निर्देशों की सहायता से घर पर रह कर भी किया जा सकता है।

बीच का रास्ता ( Gym )

एक बीच का रास्ता यह भी निकाला जा सकता है की आप कुछ वजन उठाने या हल्के फुल्के व्यायाम कुछ मशीनों की सहायता से करें तथा अन्य व्यायाम योगाभ्यास वाले करें। आप यदि शरीर में सिक्स पैक या biceps बनाने की होड़ में नहीं हैं तो घर पे कुछ एकाध मशीनों की सहायता से ही काम चलाएं।

खान पान है एक निर्णायक इकाई ( Gym )

ऐसा बिल्कुल संभव नहीं की आप सिर्फ योग या जिम से ही स्वस्थ हो जाएं। आपका खाया गया भोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से सही आहार नहीं लेते, तो योग व्यायाम आदि आपको उल्टा नुकसान ही करता है। ( Gym)

शुद्ध सरसों का तेल, उचित मात्रा में मसाले का सेवन करें। हरी सब्जियां तथा जो भी फल आपकी सेहत के हिसाब से सही हो, उसको अवश्य अपने खाने में शामिल करें। बाजार के जंक फ़ूड अधिक वसा युक्त भोजन से बचें। ब्लड प्रेशर के मरीज नमक कम खाएं, शुगर के मरीज गुड़ का सेवन करें, चीनी या कृत्रिम मिठास से बचें।

दूध या डेयरी उत्पाद से एलर्जी वाले लोग मखाना आदि का सेवन करें। ये बातें बहुत आवश्यक हैं। सही खाना और सही व्यायाम की जानकारी ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचने में सहायता कर सकते हैं।

प्रिय पाठकों, हमेशा की तरह फिर से दोहराना चाहूंगी की डॉक्टरी परामर्श को प्राथमिकता दें। आपकी सराहना तथा सुझाव का इंतजार रहेगा। स्वयं को स्वस्थ रख कर ही आप अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं। मेरा लेख आपको कैसा लगा, अवश्य बताएं। धन्यवाद।

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