Iodine For Children | बच्चों के लिए आयोडिन क्यों है जरूरी

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Iodine For Children : क्या है आयोडीन

आयोडीन एक micronutrient है, अर्थात् वैसा पोषक तत्व जो मानव शरीर को बहुत ही कम मात्रा में चाहिए होता है। इसकी सामान्य आवश्यकता प्रतिदिन सिर्फ 150 माइक्रोग्राम होती है। किंतु इसकी हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है।

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क्यों आवश्यक है आयोडीन

हमारे शरीर में  थायराइड (thyroid) नामक एक ग्रंथि (gland) होती है। यह ग्रंथि हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य और विकास के लिए काम करती है। इस ग्रंथि को सुचारू रूप से हार्मोन्स बनाते रहने के लिए आयोडीन की मात्रा अति आवश्यक है। ( Iodine For Children )

बच्चों में आयोडीन की जरूरत और काम

बढ़ते बच्चों के मानसिक विकास, लंबाई बढ़ना, तथा प्रतिरक्षा प्रणाली के सुचारू रूप से चलने के लिए आयोडीन बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने से बच्चों में विकास में बढ़ा आती है। ऑटिज्म तथा घेंघा जैसे रोगों का खतरा बना रहता है। पढ़ाई तथा शारीरिक सक्रियता में भी बच्चे पीछे रह जाते हैं। ( Iodine For Children )

थायराइड न केवल इन चीजों को बल्कि वजन को भी नियंत्रित करता है। आयोडीन की कमी होने से hypothyroidism नामक बीमारी हो सकती है जिससे की बच्चों का वजन अनियंत्रित होना, हड्डियां कमजोर होना, बाल तथा त्वचा खराब होना आदि समस्याएं भी हो सकती हैं।

आयोडीन के कुछ प्रमुख स्त्रोत

समुद्री खाद्य पदार्थों जैसे समुद्री नमक, समुद्री मछली आदि में प्रचुर मात्रा में आयोडीन पाया जाता है बाजार में आयोडीन युक्त नमक उपलब है जो रोज के खाने में सम्मिलित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त डेयरी उत्पाद जैसे अंडा पनीर, चीज़ आदि में भी प्राकृतिक तौर पर ये होता है।

कई साग सब्जियां जो ऐसे क्षेत्र की मिट्टी में उगती हैं जिनमें आयोडीन पाया जाता है, वो भी एक स्त्रोत हैं इस पोषक तत्व का। उदाहरण के लिए प्याज, शकरकंद आदि। पैक किए हुए ब्रेड में भी आयोडीन युक्त ब्रेड का प्रकार उपलब्ध होता है।इन सब चीजों को बच्चे के दैनिक भोजन में शामिल करना चाहिए। ( Iodine For Children )

एक ध्यान देने योग्य बात ये भी है के भगौलिक परिवेश का वहां रहने वाले लोगों की आयोडीन की पूर्ति या कमी पर असर देखा गया है।  हवा, मिट्टी तथा पानी में भी यह तत्व जिसे मेडिकल भाषा में एनवायरनमेंटल आयोडीन (environmental iodine) भी कहा जाता है।

गर्भवती महिलाओं एवम  गर्भस्थ शिशु के लिए आयोडीन कितना जरूरी है

बच्चे में इस पोषक तत्व की आवश्यकता उसके जन्म के पहले से ही पड़ने लगती है। गर्भवती महिलाओं को अगर आयोडीन की कमी हो जाए तो उनके होने वाले बच्चे का शारीरिक एवम मानसिक विकास प्रभावित होता है। बच्चे में अपंगता आ सकती है, ऑटिज्म का खतरा पैदा हो सकता है। ( Iodine For Children)

गर्भवती महिला का अपना स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। यदि आयोडीन की कमी हुई तो हाइपोथाइरॉइड की समस्या हो सकती है, जिससे कमजोरी होना, चक्कर आना, यहां तक कि गंभीर परिस्थितियों में गर्भपात भी हो सकता है या बच्चा मृत पैदा हो सकता है।

क्या उपाय है डॉक्टर्स के पास

इस प्रकार इस पोशक तत्व की कमी से जनित रोगों का दवाओं के द्वारा भी इलाज होता है। डॉक्टर थायराइड का स्तर बढ़ने वाली दवाएं तथा आयोडीन की कमी पूरी करना वाली दवाएं देते हैं और साथ ही खान पान पर ध्यान देने को भी कहते हैं। ( Iodine For Children )

सही मात्रा का पता होना चाहिए

यह तो आम तौर पर हम सब को पता है की आयोडीन जरूरी है, किंतु इसकी सही सही मात्रा क्या है, बच्चों को कितनी तथा बड़ों को कितनी मात्रा मिलनी चाहिए, गर्भवती महिलाओं को कितना आयोडीन का सेवन करना चाहिए, ये बातें जानना जरूरी है। ( Iodine For Children )

क्या है सही मात्रा

डॉक्टर्स एवम डाइटीशियन का कहना है कि

  1. सामान्य  व्यक्ति को  प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की ही जरूरत होती है।
  2. एक गर्भवती महिला को 220 से 280 माइक्रोग्राम की पूर्ति होनी चाहिए।
  3. स्तनपान करने वाली मांओं को 250 से 280 माइक्रोग्राम।
  4. नवजात शिशु को जन्म से चाह महीने तक 90 माइक्रोग्राम।
  5. 7 से 12 महीने के बच्चे को 110 माइक्रोग्राम।
  6. एक से आठ वर्ष के बच्चों को 90 से 120 माइक्रोग्राम।
  7. 9 से ऊपर की उम्र में 150 माइक्रोग्राम।

यहां ये बताते चलें की मनुष्य के शरीर की लंबाई तथा वजन के हिसाब से उनको आयोडीन की जरूरत की मात्रा का पता लगाया जाता है, ठीक उसी तरह जिस तरह अन्य पोषक तत्वों का। बॉडी इंडेक्स ( एक चार्ट जिसमें शरीर की लंबाई के हिसाब से वजन और अन्य बातों को सुनिश्चित किया जाता है) का सहारा लिया जाता है। डॉक्टर्स मेडिकल परिस्थितियों में इसको ध्यान में रख कर ही परामर्श देते हैं। ( Iodine For Children )

नींव मजबूत तो जीव मजबूत

जीवन के प्रारंभिक दिनों में ही आयोडीन की उचित मात्रा का सेवन करना लाभकारी होता है। यदि नवजात शिशु में या बढ़ते बच्चों में इसकी कमी हो जाए तो कालांतर में इसका प्रभाव देखने को मिलता है। अतः, गर्भवती महिलाओं तथा नई मांओं को अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। ( Iodine For Children)

ये सही है की रोग हो जाने पर उसका इलाज संभव है कितनी सिर्फ कुछ हद तक ही। Hypothyroidism का इलाज है, किंतु वो जीवन पर्यंत चलता है। ऑटिज्म का कोई इलाज नहीं। घेंघा रोग का इलाज भी पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है। शरीर में आई अपंगता भी सदैव साथ रह जाती है। ( Iodine For Children)

इसीलिए शुरुआत में ही हम अन्य पोषक तत्वों के साथ साथ आयोडीन की पूर्ति का भी ध्यान रखें तो स्वयं को एवम अपने आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ तन और स्वस्थ मन यानी के एक स्वस्थ जीवन का उपहार दे सकते हैं। जिस बॉडी इंडेक्स की चर्चा यहां की गई है, वो आसानी से उपलब्ध होती है अथवा डॉक्टर्स के द्वारा प्रदान की जाती है, ताकि आप अपने तथा अपने बच्चो विकास पर सदैव नियंत्रण रख सकें, सही जानकारी रख सकें। ( Iodine For Children)

प्रिय पाठकों, मेरा ये प्रयास रहता है की आपके स्वास्थ्य लाभ के लिए निरंतर नई जानकारियां आपको उपलब्ध करा सकूं। आपकी सराहना ही हमारी प्रेरणा होगी। एक आवश्यक बात ये भी है की इस लेख में जितनी भी जानकारी मैने आप सबों को प्रदान की, वो सब सटीक तो हैं, किंतु फिर भी स्वास्थ्य संबंधी कोई भी कदम बिना डॉक्टर के सलाह के और अच्छे से जांच पड़ताल के नहीं उठा चाहिए। मेरे लेखों से आप सूचना प्राप्त करें एवम चिकित्सकों से इसकी पुष्टि करने के बाद ही आगे बढ़ें। धन्यवाद।

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