Milk and Banana in Hindi | बच्चों के लिए कितना फायदेमंद हैं

5/5 - (1 vote)

Milk and Banana : दूध और केला दोनों ही अलग अलग अपने आप में संपूर्ण पोषक आहार माने जाते हैं। दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन आदि होते हैं, वहीं केला भी फाइबर, कैल्शियम और जिंक आदि का स्त्रोत होता है। किंतु ऐसा देखा गया है की कई बार इनको साथ में लेने की सलाह दी जाती है और कभी कभी सख्त मना किया जाता है। ऐसा क्यों है और क्या फायदे या नुकसान हैं इसके, आइए जानते हैं।

यह भी पढ़े : ब्लैक हेड्स को कैसे दूर करे ?

व्यायाम के बाद केला और दूध का सेवन ( Milk and Banana in Hindi )

जो लोग काफ़ी भारी व्यायाम किया करते हैं, जिम आदि में जाते हैं, उनके लिए दूध और केले से बना milkshake अत्यंत आवश्यक होता है। मांसपेशियों को मजबूती देने जितना प्रोटीन तथा हड्डियों को मजबूती के लिए पर्याप्त कैल्शियम इससे प्राप्त होता है।

बच्चों के लिए दूध और केला ( Milk and Banana in Hindi )

बच्चे जब छह महीने के होते हैं तो उनको मां के दूध के अलावा कुछ अन्य खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, चावल, दाल, दलिया तथा फलों में सेब की puree और केले की puree देने की सलाह दी जाती है। केला बच्चों के शारीरिक विकास की दृष्टि से आदर्श फल माना जाता है। ये आपके बच्चे को सही वजन, दिमागी विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व, हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद माना जाता है। ( Milk and Banana in Hindi )

वहीं दूध तो हमेशा से ये आदर्श आहार रहा है। हर आयु में दूध का सेवन करने के अपने फायदे हैं। बढ़ते बच्चों में हड्डियों के विकास तथा वयस्कों में हड्डियों की मजबूती के लिए दूध की सलाह दी जाती है।

क्या है सही तरीका बच्चों को दूध और केला देने का ( Milk and Banana in Hindi )

जो बच्चे छह महीने से कम उम्र के हों उनको मां के दूध के अलावा और कुछ भी देने से मना किया जाता है। छह महीने की आयु में जब बच्चे दूध के साथ कुछ अनाज और फल आदि लेने लग जाते हैं, तो उनको केला देना सही होता है। केले के छोटे टुकड़े कर के उसे फोर्क यानी कांटे से पूरी अच्छी तरह मसल कर puree बनानी चाहिए। उसे इस प्रकार मसलना चाहिए जिससे बिना दांत के भी बच्चे आसानी से खा सकें। अगर आवश्यक हो तो उसमें थोड़ा सा दूध मिला कर पतला कर लें। लेकिन इसके लिए गाय के दूध के बदले मां का दूध ज्यादा उचित रहता है।

अगर बच्चे के कुछ दांत हैं, तो उसे थोड़ा मोटा puree दे सकते हैं जिसमें puree के साथ साथ कुछ छोटे चबाने लायक टुकड़े भी हों। जिन बच्चों के काफी संख्या में दांत होते हैं,उन्हें केले के कटे हुए टुकड़े हाथ में दे कर खाने को दें। बड़े बच्चे तो वैसे भी केला खुद से छिल के खा सकते हैं। और इससे पेट भी काफी देर तक भरा रहता है। इसीलिए अगर बच्चे को ले कर कहीं यात्रा आदि कर रहे हों तो साथ में केले रखना उचित होगा। बाजार के मिलने वाले जंक फूड से कहीं ज्यादा सुरक्षित तथा पौष्टिक भोजन।

अलग अलग प्रकार के केले का अलग अलग होता है असर ( Milk and Banana in Hindi )

अगर केला बहुत पका हुआ हो, तो बच्चे की कब्ज की समस्या दूर हो सकती है। ऐसा ही वयस्कों में भी होता है। अगर कच्चे केले का सेवन करते हैं, तो दस्त आदि की समस्या कम हो सकती है। केला फल तथा सब्जी दोनों के रूप में उपयोगी है। छोटे बच्चों को या तो पके केले की puree बना कर से सकते हैं, या कच्चे केले को उबाल कर उसको मसल कर दे सकते हैं।  

पौष्टिक होने के बाद भी क्यों मना किया जाता है ( Milk and Banana in Hindi)

कुछ एक परिस्थितियों में दूध और केले का साथ में सेवन करने से बचने को कहा जाता है। अगर बच्चे को यदि गैस आदि की समस्या रहती है तो दूध और केला साथ में पचने में मुश्किल होती है। इसका परिणाम अपच, दस्त, उल्टी आदि हो सकते हैं। बच्चों के साथ साथ बड़े लोगों को भी, यदि वे अधिक शारीरिक श्रम या व्यायाम नहीं करते, तो दूध केले कोमल साथ लेने से बचना चाहिए। ( Milk and Banana in Hindi)

इसके अलावा यदि बच्चों या बड़ों दोनो को ठंड से तकलीफ की समस्या हो, साइनस और सर्दी ज़ुकाम जल्दी लगते हों, तो भी दूध केला सही आहार नहीं होगा। रात के वक्त दूध केले का सेवन करना ऐसे लोगों के लिए सही नही होता। साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य बात है की केले में मिलाया हुआ दूध अधिक ठंडा या अधिक गर्म न हो। अन्यथा पेट में गैस, कब्ज या सात की समस्या हो जाती है।

क्या है उपाय ( Milk and Banana in Hindi)

दूध जहां प्रोटीन, कैल्शियम आदि का स्त्रोत है वहीं केला भी फाइबर, विटामिन C, vitamin A, जिंक आदि का पूरक है। अतः हमारे शरीर के विकास के लिए ये दोनों ही अति आवश्यक हैं। फिर भी यदि दूध और केले को साथ में सेवन करना नुकसान देह हो तो ऐसे में दोनों वस्तुएं अलग अलग खाना ही सही होगा।

वह भी अलग अलग समय पर। यदि केले से कफ जुकाम आदि की समस्या हो तो केला सुबह सुबह के समय ही केले का सेवन करना चाहिए। दोपहर या शाम को यह नुकसान कर सकता है। दूध का सेवन रात को करने से नींद भी अच्छी आती है तथा सुबह पेट भी अच्छे से साफ होता है छोटे बच्चों को दूध सुबह या रात सोना समय दिया का सकता है। ( Milk and Banana in Hindi )

किंतु वयस्क यदि रात को ही दूध का सेवन करें तो अधिक फायदेमंद होता है। बच्चों को सुबह यदि केला देते हैं, तो उसके बाद दूध देने के बीच अंतराल लंबा होना चाहिए। थोड़ी सी समझदारी से आप समस्याओं से भी बच सकते हैं तथा पौष्टिक भोजन से भी वंचित नहीं रहेंगे। ( Milk and Banana in Hindi )

प्रिय पाठकों, मेरा लेख मेरे स्वयं के अनुभवों के साथ ही विशेषज्ञ लोगों की राय पर भी आधारित होता है। अतः मैं इसकी विश्वसनीयता का आश्वासन दे सकती हूं। किंतु साथ ही यह सलाह भी देती हूं के स्वास्थ्य संबंधी कोई भी बात जब तक आप स्वयं आश्वस्त न हो लें, अथवा डॉक्टर की राय न ले लें, प्रयोग में न लाएं। यह भी कहूंगी की यदि कोई सुझाव या कोई मुद्दा जिसपर आपको जानकारी चाहिए, तो जरूर लिखें। आपके सहयोग से ही मेरा प्रयास सफल होगा। धन्यवाद।

अस्वीकरण :- इस site पर उपलब्ध सभी जानकारी और लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है | यहाँ पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए | उपचार के लिए योग्य चिकित्सक का सलाह ले |

Leave a Comment