Three type Major Allergies in Children 2021 in Hindi |

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Three type Major Allergies in Children : एलर्जीएक ऐसी मेडिकल परिस्थिति है जिसमे कुछ लोगों को कुछ विशेष पदार्थों से,जैसे के कोई खाद्य पदार्थ,कोई दवा, कोई फूल पौधे,पालतू पशुओं, जीवाणुओं आदि से तकलीफ होती है।खास बात ये है

आम तौर पर एक बड़ी संख्या में बाकी लोगों को उनचीजोंसे कोईदिक्कतनहींहोती । केवल कुछ प्रतिशत लोग इससे प्रभावित होते हैं।इस जदमें छोटे बच्चे भी आने से नहीं बच पाते। ( Three type Major Allergies in Children)

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क्या है एलर्जी और क्यों होती है ?

Three type Major Allergies in Children

डॉक्टर्स बताते हैंकि कभी कभी कुछ लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) में कुछ खास पदार्थों के प्रति विरोधी भाव होते हैं।उन्हें ये चीजें शरीर के लिए नुकसानदेह लगती हैं और वे शरीर को बचाने के लिए काम करने लगते हैं। ( Three type Major Allergies in Children)

ये प्रणाली दो प्रकार के रसायनों(केमिकल्स)का निर्माण कर उसे शरीर में छोड़ने लग जाती हैं।Immunoglobulin तथाHistaminनाम के इन रसायनों के कारण ही हमारे अंदर ऐसी प्रक्रियाहोती है जो कई परेशानियां पैदा करती हैं।

एलर्जी होने के लक्षण

किसी भी प्रकार की एलर्जी होने पेशरीर में कुछ परिवर्तन दिखाई देने लगता है,उदाहरण के लिए त्वचा पर निशान या चकत्ते पड़ना,खांसी जुकाम होना,पेट में दर्द,शरीर फूलना,दस्त और उल्टी।इन लक्षणों को पहचान कर हम एलर्जी का पता लगा सकते हैंताकि सही समय पर इलाज हो सके।क्यूंकि देखा गया है के कभी कभी ये जानलेवा भी साबित हो जाता है। ( Three type Major Allergies in Children)

छोटे बच्चों में भी जन्म से या बाद में कुछ विशेष चीजों से एलर्जी देखी जाती रही है।ये चीजें कोई खाद्य पदार्थ हो सकते हैं या कोई जीवाणुअथवा कोई ऐसी वस्तु जिसके संपर्क में आने से बच्चे को नुकसान हो। ( Three type Major Allergies in Children)

Three type Major Allergies in Children

Three type Major Allergies in Children 2

1. दूध: बहुत से बच्चों में दूध या दूध से बनी चीजों को खाने पीने से समस्या देखी गई है।इसके लिए दूध में मौजूद एक विशेष प्रकार का प्रोटीन ज़िम्मेदारहोता है जिसे बच्चे आसानी से पच नहीं पाते।नतीजा –गैस, पेट फूलना,पेट में दर्द आदि की शिकायत आ जाती है।आम तौर परगायके दूध या कभी कभीफॉर्मूला दूध से भी ऐसा होता है। ( Three type Major Allergies in Children)

2. दवा: कुछ एंटीबायोटिक दवाओं को बच्चों का शरीर स्वीकार नहींकरता।उन्हें खतरनाक समझ कर उनके खिलाफ काम करने लगता है।इस प्रकार की एलर्जीके कारण बच्चों की त्वचा पर निशान पड़ना,खुजलीहोना जैसी समस्याएं हो जाती हैं।कुछ मामलों में स्थिति गंभीर भी हो सकती है। (Three type Major Allergies in Children )

3. धूल कण: वातावरणमें असंख्य कीटाणु, जीवाणुतथा विषाणुमौजूद रहते हैं।नाक, कानऔर मुंहकेद्वाराये कणबच्चों की श्वास नली या भोजन नली में घुस सकते हैं।कान में खुजली होना,जुकाम होना,लगातार छींकेआना,खांसी आना इस तरह के एलर्जीके कारण हो सकते हैं।कुछ बड़े और बच्चों में ये दमारोग पैदा कर देते हैं।आंखों में धूल कानों के चले जाने से आंखों में लालिमा,खुजली तथा पानी आना जैसी समस्या प्रमुख रूप से देखी जाती है। ( Three type Major Allergies in Children )

कुछ घरेलू उपाय और उपचार

यदिएलर्जीज्यादा गंभीर न हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं।बस कुछ छोटे छोटे उपाय अपनाने चाहिए।

एलर्जी से बचाव के उपाय

  1. दूध आदि से होने वाली एलर्जी से बचाने के लिए बड़े बुजुर्ग गाय के दूध में थोड़ा पानी मिला k बच्चों को पिलाने की सलाह देते हैं।
  2. ये कोशिश करनी चाहिए की छोटे बच्चों को अंग्रेजी दवाएं देने के बदले होम्योपैथी या आयुर्वेदिक नुस्खे का इस्तेमाल किया जाए।
  3. घर से बाहर निकलते समय बच्चों के नाक ,मुंह,कान अच्छे से ढक कर ले जाएं ताकि धूलकणों से बचाव हो सके।

यदि एलर्जी हो जाए तो घरेलू तौर पर क्या उपचार कर सकते हैं

Three type Major Allergies in Children 1

छोटी मोटी एलर्जी की दिक्कतें घरेलू उपचार से भी ठीक हो जाया करती हैं। ( Three type Major Allergies in Children)

  1. दूध की एलर्जी का उपचार:बच्चे को अजवाइन और सौंफ का पानी उबाल कर ठंडा कर पिलाने से गैस तथा पेट दर्द में आराम मिलता है।
  2. दवा की एलर्जीका इलाज:दवा से होने वाले रिएक्शंस से यदि त्वचा पर निशान और खुजली आदि हो तो नारियल तेल लगाएं।इससे जलन में राहत मिलती है।खुजली भी बंद हो जाती है।
  3. धूल कणसे परेशानी का उपचार:अगर मुंह याआंख में धूल कण समा गए हों तो उनको साफ पानी से धोना चाहिए।नाक में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालने से जुकाम और छींकेबंद हो जाती हैं।कान को मुलायम कपड़े या रूईकी बत्ती से साफ करने का प्रयास करें।

डॉक्टर की राय है सबसे महत्वपूर्ण

घरेलू उपाय तथा उपचार के अलावा चिकित्सकीय परामर्श भी बहुतजरूरी है।ये सुनिश्चित अवश्य करें की स्थिति अधिक नुकसानदेह तो नहीं? दवाओं के साइडइफेक्ट्स के मामले में डॉक्टर्सबिल्कुल भी लापरवाही नहीं करने को कहते अन्यथा ये जानलेवा भी हो सकते हैं। ( Three type Major Allergies in Children )

दूध का प्रोटीन पचा पाने में असमर्थ बच्चों को बाजार में मिलने वाला gripe water भीपेडियाट्रिशियनद्वारा दिया जाता है।दमाया खांसी जुकाम की स्थिति में भी खास मेडिकेशन की जाती है।एंटीएलर्जिकदवाएं और इंजेक्शन भी उपलब्ध हैं।किंतु इन सब का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह लिए बगैर बिल्कुलन करें।आंख,त्वचा में जलन आदि दूर करने के लिए आई ड्रॉपतथा मेडिकेटेडबॉडीलोशनका प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।

घबराने या डरने की नहीं, सावधानी रखने की है ज़रूरत

एलर्जी कुछ परेशानियां तो साथ लाता है।जिसे हो उसके लिए भी और जो लोगआ पास हो उनकी भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।लेकिन इससे बहुत घबराने की आवश्यकता नहीं है।आज चिकित्सा और विज्ञान का क्षेत्र टेक्नोलॉजी की बदौलत इतनी तरक्की कर चुका है की लगभग हर बीमारी का इलाज संभव है।ऐसे में सैंयमरखें,सावधानी बरतें तथा समय समय परअपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें।

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एक बात ध्यान रखने योग्य है की हर बार डॉक्टर का परामर्श ही सबसे अधिक महत्वपूर्णहोता है।मेरा प्रयास रहेगा की मैं ऐसे ही अन्य समस्याओं परभी आपको अपने विचार बताऊं

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